उज्जैन। कई ऐसे लोग हैं जिनका रोजगार शिप्रा नदी से टिका हुआ है। कई लोग सिक्के व कीमती सामान की तलाश में सुबह से शाम तक शिप्रा नदी के अंदर पानी में रहकर सिक्के व कीमती सामान की खोज करते हैं। इस कार्य से कई लोग अपनी आजीविका चला रहे हैं। शिप्रा नदी से सिक्के, , सोना,चांदी आदि कीमती सामान निकलते हैं। उनका मानना है की मां शिप्रा की कृपा सब पर बनी रहती हैं रोज 300- 400 रुपए के सिक्के व कीमती सामान मिल जाता है। जिससे उनकी गुजर बसर हो जाती है किसी के सामने हाथ फैलाने से तो यह काम अच्छा है मां शिप्रा सभी पर आशीर्वाद बनाए रखती है। किसी को भी निराश नहीं होने देती है।
कई संख्या में लोग मां शिप्रा का आशीर्वाद पाने की धारणा को लेकर कीमती वस्तुएं व सिक्के ढूंढने का काम करते हैं उनकी आजीविका इस पर ही निर्भर होती है। शिप्रा नदी के रामघाट, राणौ जी की छतरी के तरफ घाट, दत्त अखाड़ा घाट सहित अन्य घाटों पर कई लोग सिक्के व कीमती सामान ढूंढने के कार्य में जुट जाते हैं। नदी में सिक्के निकाल रही एक महिला और पुरुष से जब दैनिक अवंतिका के संवाददाता ने बात की तो उन्होंने इसे मां शिप्रा का आशीर्वाद बताया सिक्के ढूंढ रही महिला ने बताया कि मां शिप्रा का आशीर्वाद सदैव उनके भक्तों पर बना रहता है। रोज सुबह से शाम तक शिप्रा नदी में सिक्के ढूंढते हैं सिक्के सहित कीमती सामान मिल जाता है जिससे उनकी आजीविका चल जाती है। इसके अलावा अन्य लोग भी है जो नदी में सिक्के वह हनी कीमती सामान ढूंढते हैं लेकिन मां शिप्रा किसी को भी निराश नहीं करती है सभी को इतना मिल जाता है कि उनकी आजीविका चल जाए।